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क्रेडिट स्कोर और CIBIL

CIBIL स्कोर सुधारने के लिए क्या करें?

स्कोर कम हो तो कहाँ से शुरू करें: रिपोर्ट जाँचें, भुगतान समय पर करें और कार्ड का बकाया घटाएँ।

सीधा जवाब

EMI और कार्ड बिल समय पर चुकाएँ, कार्ड का बकाया घटाएँ, अनावश्यक ऋण आवेदन से बचें और रिपोर्ट की गलतियाँ सुधारवाएँ। तय अंक बढ़ने या तय समय में सुधार की गारंटी नहीं है।

लकड़ी की मेज पर खुली डायरी, कलम और कैलकुलेटर

शुरुआत भुगतान की तारीखों और बकाए की जाँच से करें।

तस्वीर: Iryna Tysiak / Unsplash

समय पर भुगतान और कम बकाया

EMI और कार्ड बिल समय पर चुकाएँ, कार्ड का बकाया घटाएँ, अनावश्यक आवेदन रोकें और रिपोर्ट की गलतियाँ सुधारें। शुरुआत उस काम से करें जो अभी बाकी है—छूटी हुई किस्त, लगातार बढ़ता कार्ड बिल या गलत खाता विवरण।

CIBIL भी यही आदतें सुझाता है। किसी एक काम से कितने अंक बढ़ेंगे, इसका तय हिसाब नहीं है। भुगतान और बकाया अपने रिकॉर्ड में माप सकते हैं; स्कोर में बदलाव की निश्चित तारीख नहीं बता सकते।

पैसा पहुँचा या नहीं, यह भी देखें

हर ऋण और कार्ड की एक सूची बनाएँ। ऋणदाता, देय राशि, तारीख, भुगतान वाला बैंक खाता और भुगतान की पुष्टि लिखें। जिस संयुक्त या गारंटी वाले खाते की जिम्मेदारी आपकी है, उसे भी शामिल करें। केवल रिमाइंडर लगा होना भुगतान होने का प्रमाण नहीं है। रसीद और ऋणदाता का स्टेटमेंट देखकर पुष्टि करें।

  • देय तारीख से पहले रिमाइंडर रखें ताकि दिक्कत सुधारने का समय मिले।
  • ऑटो डेबिट वाले खाते में पहले से पर्याप्त रकम रखें।
  • डेबिट सफल हुआ है या नहीं, जाँचें।
  • मैन्युअल भुगतान करते समय लंबित दोबारा डेबिट के बारे में पूछें।
  • रसीद और स्टेटमेंट तारीख के अनुसार सुरक्षित रखें।

अगर पूरी जरूरी किस्त देना संभव नहीं है, आधिकारिक माध्यम से ऋणदाता से बात करें। उपलब्ध विकल्प, कुल लागत और रिपोर्टिंग पर असर लिखित में माँगें। अपनी ओर से कम रकम भेजकर यह न मानें कि खाता नियमित हो गया। ऐसी व्यवस्था चुनें जिसे अगले महीने भी निभाया जा सके।

एक लाख की सीमा, ₹60,000 बकाया

उपयोग अनुपात का मतलब कार्ड के बकाये की तुलना उसकी सीमा से है। ₹1,00,000 की सीमा पर ₹60,000 बकाया हो तो अनुपात 60% है। बकाया ₹25,000 करने पर यह 25% होगा। यह केवल समझाने का गणित है; इसे स्कोर बदलने की निश्चित सीमा न मानें। CIBIL कम बकाया रखने की सलाह देता है।

कार्ड पर उतना खर्च तय करें जितना चुका सकें। नई खरीद से पहले सदस्यता शुल्क और पहले से तय भुगतान जोड़ें। कई कार्ड हों तो हर खाते और पूरे बकाये को देखें। एक कार्ड से दूसरे में रकम ले जाने पर दर या तारीख बदल सकती है, लेकिन कर्ज चुकाना बाकी रहता है।

₹18,000 में किस्त और कार्ड, दोनों चुकाने हों

इस काल्पनिक बजट में मीरा के पास जरूरी खर्च के बाद ₹18,000 हैं। ₹9,000 की EMI चुकाने पर ₹9,000 बचते हैं। कार्ड की देय रकम और जरूरी नकद सुरक्षा इसी में आने चाहिए। रकम कम पड़े तो खर्च घटाना या ऋणदाता से भुगतान की व्यवस्था पर बात करना जरूरी होगा।

अगर मीरा कार्ड चुकाकर उतना ही दोबारा खर्च कर दे, तो बकाया नहीं घटेगा। हर महीने भुगतान के साथ बची देनदारी भी लिखने से साफ पता चलेगा कि कर्ज कम हो रहा है या वहीं का वहीं है।

नया आवेदन देने से पहले

आवेदन से पहले जरूरत, राशि और वहनीय किस्त लिखें। पूछें कि पात्रता जाँच में lender enquiry होगी या नहीं। मना होने पर तुरंत कई जगह आवेदन दोहराने के बजाय कारण समझें। केवल खातों का मिश्रण बनाने के लिए अनावश्यक ऋण लेना भी लागत और नई जिम्मेदारी जोड़ता है। फीस और पूरी भुगतान अवधि देखकर ही तुलना करें।

हर महीने भुगतान, बकाया, नए आवेदन और लंबित त्रुटियों का छोटा रिकॉर्ड रखें। गलती हो तो आधिकारिक विवाद प्रक्रिया अपनाएँ। CIBIL के अनुसार जानकारी अपडेट कराने और त्रुटि सुधारने के लिए उपभोक्ता को शुल्क देने की जरूरत नहीं है। तय अंक बढ़वाने का दावा करने वाले व्यक्ति पर निर्भर न रहें। अपने नियंत्रण वाले काम मापें: समय पर भुगतान, कम अनावश्यक उधारी और प्रमाण सहित सही रिपोर्ट।

आम सवाल

इस योजना से कितने अंक बढ़ेंगे?

तय अंक नहीं बताए जा सकते। यह भुगतान, बकाया और रिपोर्ट की शुद्धता सुधारने की योजना है।

क्या केवल स्कोर के लिए ऋण लेना चाहिए?

अनावश्यक ऋण में फीस, ब्याज और किस्त जुड़ती है। जरूरत और भुगतान की क्षमता पर निर्णय लें।

क्या 30% उपयोग पर स्कोर सुरक्षित है?

किसी एक अनुपात से स्कोर की गारंटी नहीं मिलती। अपने बकाये को समझें और उतना ही खर्च करें जिसे सहजता से चुका सकें।

क्या एजेंट स्कोर बढ़ने की गारंटी दे सकता है?

ऐसे वादे पर भरोसा न करें। गलत जानकारी आधिकारिक प्रक्रिया से सुधारें और सही कर्ज के लिए भुगतान योजना बनाएँ।

स्रोत और आगे पढ़ें

जानकारी के लिए, व्यक्तिगत वित्तीय सलाह नहीं। स्रोत नीचे दिए हैं। लेख AI की सहायता से तैयार किए गए हैं। संपादकीय प्रक्रिया पढ़ें।