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गिरवी वाला लोन लें या बिना गिरवी का?

किस्त, कुल लागत और गिरवी का जोखिम देखें। ₹5 लाख का उदाहरण समझाता है कि कम दर वाला लोन भी महँगा कैसे पड़ सकता है।

सीधा जवाब

पर्सनल लोन महँगा लगे तो संपत्ति गिरवी रखकर कम दर पाना आकर्षक हो सकता है। लेकिन इस फैसले में सिर्फ किस्त नहीं बदलती।

छोटे मॉडल घर के पास रखी घर की चाबियाँ

कम किस्त के साथ लंबी अवधि और संपत्ति का जोखिम जुड़ सकता है।

तस्वीर: Tierra Mallorca / Unsplash

गिरवी से किसे सुरक्षा मिलती है?

सिक्योर्ड लोन में घर, वाहन, सोना, जमा या निवेश जैसी तय संपत्ति ऋण के बदले रखी जाती है। अनसिक्योर्ड लोन में आम तौर पर कोई खास संपत्ति गिरवी नहीं होती। इस सुरक्षा से बैंक का जोखिम घटता है; आपकी किस्त फिर भी आपकी आय से ही जाएगी।

गिरवी, सह-उधारकर्ता और गारंटर अलग बातें हैं। एक संपत्ति सुरक्षा दे सकती है, दूसरा व्यक्ति ऋण की जिम्मेदारी साझा कर सकता है और गारंटी से उसकी अपनी शर्तों के अनुसार जिम्मेदारी बन सकती है। “बिना गिरवी” लिखा होने पर भी बाकी शर्तें पढ़ें। अपने प्रस्ताव में कौन सा व्यक्ति किस जिम्मेदारी से जुड़ रहा है, यह साफ करें।

संपत्ति गिरवी रखने से क्या बदलता है?

उत्पाद के अनुसार शर्तें बदल सकती हैं
सवालसिक्योर्डअनसिक्योर्ड
सुरक्षातय संपत्ति और अन्य सहमत जिम्मेदारियाँखास गिरवी के बिना भुगतान की जिम्मेदारी
जाँचआय के साथ मूल्यांकन और स्वामित्व जाँच हो सकती हैआय, क्रेडिट और दस्तावेज की जाँच
जोखिमलागू प्रक्रिया के तहत गिरवी संपत्ति पर कार्रवाईवसूली, कानूनी प्रक्रिया और क्रेडिट पर असर
लागतदर के अलावा सुरक्षा बनाने और छोड़ने के खर्च देखेंदर के अलावा शुल्क और शुद्ध मिलने वाली राशि देखें

क्या दर सच में कम मिलेगी?

संपत्ति होने से चूक की स्थिति में बैंक का संभावित नुकसान घट सकता है। इसलिए दर और अवधि पर असर हो सकता है। फिर भी हर सिक्योर्ड प्रस्ताव हर अनसिक्योर्ड प्रस्ताव से सस्ता हो, यह जरूरी नहीं। शुल्क, अवधि, उद्देश्य, आपकी आय और ऋणदाता की नीति अलग हो सकती है। विज्ञापन की शुरुआत वाली दर की जगह अपने नाम का लिखित प्रस्ताव देखें।

एचडीएफसी बैंक का बिजनेस लोन और उसका अलग संपत्ति के बदले लोन अलग व्यवस्था के उदाहरण हैं। पहले देखें कि उद्देश्य किसमें अनुमत है, फिर कीमत की तुलना करें। किसी उत्पाद का उपलब्ध होना मंजूरी की गारंटी नहीं है।

₹5 लाख पर 14% भी 10% से सस्ता पड़ सकता है

मानें एक स्वीकृत जरूरत के लिए ₹5 लाख लेने हैं। काल्पनिक अनसिक्योर्ड प्रस्ताव 14% पर 36 महीने का है: किस्त लगभग ₹17,089 और कुल किस्तें ₹6.15 लाख। दूसरा सिक्योर्ड प्रस्ताव 10% पर 60 महीने का है: किस्त लगभग ₹10,624 और कुल किस्तें ₹6.37 लाख। दोनों में शुल्क नहीं जोड़े गए और दर स्थिर मानी गई है।

दूसरे प्रस्ताव की दर और किस्त कम हैं, लेकिन लंबी अवधि के कारण कुल भुगतान अधिक है। उसमें संपत्ति का जोखिम भी जुड़ता है। समान 36 महीने पर तुलना करने से तस्वीर अलग होगी। पहले राशि और अवधि समान करें। फिर अपनी जरूरत के अनुसार लंबी अवधि का नकदी पर असर देखें।

एक प्रस्ताव में ₹12,000 और दूसरे में ₹3,000 शुरुआती शुल्क हो तो ₹9,000 का अंतर और जुड़ता है। इसे किस्तों के साथ अलग लिखें। वही शुल्क लोन में जोड़ दिया जाए तो मूलधन और ब्याज फिर निकालें। अब वह रकम भी उधार है।

भुगतान चूकने पर क्या जोखिम है?

चूक से समझौते और लागू नियमों के अनुसार शुल्क, वसूली और क्रेडिट रिपोर्ट पर असर हो सकता है। सिक्योर्ड लोन में गिरवी संपत्ति पर लागू प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का जोखिम होता है। यह न मानें कि संपत्ति बेचने से हर स्थिति में पूरा कर्ज समाप्त हो जाएगा। निपटारे या खाते के बंद होने की लिखित पुष्टि लें।

अनसिक्योर्ड में भी पैसा लौटाना होता है। गिरवी न होने से ऋणदाता के सभी वैध वसूली के रास्ते समाप्त नहीं होते। गारंटर भी यह न मानें कि उनकी जिम्मेदारी तभी आएगी जब कोई संपत्ति पहले बिकेगी। वास्तविक अधिकार और प्रक्रिया दस्तावेज व स्थिति पर निर्भर हैं।

आय घटे तो क्या यह जोखिम ले पाएँगे?

  1. दोनों प्रस्तावों का अनुमत उपयोग जाँचें।
  2. संपत्ति, सह-उधारकर्ता और गारंटी लिखें।
  3. समान राशि और अवधि पर भुगतान निकालें।
  4. शुरुआती, नियमित और संभावित बंद करने के खर्च जोड़ें।
  5. चुकाने के बाद सुरक्षा और दस्तावेज वापस मिलने की प्रक्रिया पूछें।

कुछ महीनों तक आय घटने की स्थिति सोचें। जरूरी घर या काम के वाहन का महत्व केवल बाजार कीमत नहीं है। कम किस्त के लिए उसे जोखिम में रखने से पहले परिवार का बजट और आपात बचत जाँचें। बैंक अधिक देने को तैयार हो तो भी उतना ही उधार लें जितनी जरूरत है।

आम सवाल

अनसिक्योर्ड में बैंक वसूली नहीं कर सकता?

ऐसा नहीं है। भुगतान की जिम्मेदारी और वैध वसूली के विकल्प बने रहते हैं।

क्या गिरवी और गारंटर समान हैं?

नहीं। गिरवी संपत्ति की सुरक्षा है; गारंटी अलग जिम्मेदारी है। दोनों साथ भी हो सकते हैं।

क्या सिक्योर्ड हमेशा सस्ता है?

नहीं। वास्तविक दर, शुल्क और समान अवधि की तुलना के साथ संपत्ति का जोखिम देखें।

लोन बंद होने पर क्या लें?

खाता बंद होने की पुष्टि, लागू सुरक्षा मुक्ति, मूल दस्तावेज और जरूरी रजिस्ट्री या खाते के अपडेट पूछें।

स्रोत और आगे पढ़ें

जानकारी के लिए, व्यक्तिगत वित्तीय सलाह नहीं। स्रोत नीचे दिए हैं। लेख AI की सहायता से तैयार किए गए हैं। संपादकीय प्रक्रिया पढ़ें।