एक लोन के कई नाम क्यों?
“होम लोन” से पता चलता है कि पैसा घर के लिए है। “सिक्योर्ड” का मतलब है कि कोई संपत्ति ऋण के बदले रखी गई है। “टर्म लोन” में लौटाने की अवधि और भुगतान तय होते हैं। एक ही होम लोन इन तीनों में आ सकता है। बिजनेस लोन भी गिरवी के साथ या बिना गिरवी के हो सकता है।
मानें पाँच साल चलने वाली मशीन के लिए ₹6 लाख चाहिए। पहले पूछें कि कौन सी योजना उस मशीन को खरीदने के लिए है। फिर देखें कि मशीन से कमाई कब शुरू होगी और किस्त उससे पहले तो नहीं देनी पड़ेगी।
कौन सा लोन किस काम आता है?
| लोन | आम उद्देश्य | मुख्य सवाल |
|---|---|---|
| होम | स्वीकृत घर खरीदना, निर्माण या मरम्मत | क्या खरीद, प्लॉट और मरम्मत के लिए अलग योजना है? |
| वाहन | पात्र नया या पुराना वाहन | ऑन-रोड कीमत के कौन से खर्च शामिल हैं? |
| शिक्षा | स्वीकृत पढ़ाई और संबंधित खर्च | भुगतान शुरू होने पर कुल बकाया कितना होगा? |
| पर्सनल | अनुमत व्यक्तिगत जरूरत | किन उपयोगों की अनुमति नहीं है? |
| बिजनेस | स्वीकृत कारोबार, उपकरण या विस्तार | टर्म लोन है या वर्किंग कैपिटल सीमा? |
| संपत्ति के बदले | मौजूदा संपत्ति के आधार पर अनुमत जरूरत | कौन सी संपत्ति और कौन सा उपयोग मंजूर है? |
घर के लिए लोन और घर गिरवी रखकर लोन
सिक्योर्ड लोन में ऋण के समर्थन में संपत्ति होती है। इसका अर्थ यह नहीं कि परिवार के लिए किस्त सुरक्षित या आसान होगी। अनसिक्योर्ड लोन में आम तौर पर कोई खास संपत्ति गिरवी नहीं होती, लेकिन भुगतान की जिम्मेदारी बनी रहती है। सह-उधारकर्ता और गारंटर की जिम्मेदारी भी अलग से समझें। शिक्षा और बिजनेस जैसे उद्देश्य वाले उत्पाद अलग-अलग योजनाओं में सुरक्षा सहित या बिना सुरक्षा के मिल सकते हैं।
किसी बैंक की योजना दूसरे बैंक पर लागू नहीं होती। उदाहरण के लिए एसबीआई की होम लोन सूची में खरीद, प्लॉट और मरम्मत के उत्पाद अलग हैं। स्टूडेंट योजना पढ़ाई के संबंधित खर्च बताती है। यह जाँचने की शुरुआत है; अपने मंजूरी पत्र का विकल्प नहीं।
टर्म लोन और ओवरड्राफ्ट में अंतर
नियमित टर्म लोन में तय कार्यक्रम के अनुसार मूलधन घटता जाता है। ओवरड्राफ्ट या कैश क्रेडिट में शर्तों के अनुसार मंजूर सीमा के भीतर रकम निकाली जा सकती है। क्रेडिट कार्ड की बिलिंग और न्यूनतम भुगतान की व्यवस्था अलग है। बराबर मासिक किस्त वाला कैलकुलेटर बदलते ओवरड्राफ्ट या कार्ड खाते की पूरी तस्वीर नहीं देता।
पूछें कि ब्याज निकाली हुई राशि पर लगेगा या किसी दूसरी गणना पर, सीमा कब बदल सकती है, नवीनीकरण कब चाहिए और आखिरी तारीख पर कितना देना होगा। रोज के स्टॉक की जरूरत और दस साल काम आने वाली मशीन की जरूरत एक जैसी नहीं है। उन्हें समान अवधि का ऋण देने से नकदी का दबाव बन सकता है।
₹10 लाख की कार: पाँच साल या सात?
मानें वाहन की कीमत ₹10 लाख है और अपनी बचत से ₹2 लाख देंगे। ₹8 लाख को उदाहरण के तौर पर 10% पर 60 महीने के लिए लेने पर ईएमआई लगभग ₹16,998 और ब्याज लगभग ₹2.20 लाख है। वही राशि और दर 84 महीने करने पर किस्त लगभग ₹13,281 रह जाती है, लेकिन ब्याज लगभग ₹3.16 लाख हो जाता है। यह किसी बैंक की वर्तमान दर नहीं है।
सात साल की अवधि में हर महीने करीब ₹3,717 कम देने हैं, मगर ब्याज लगभग ₹96,000 ज्यादा है। इसके अलावा ईंधन, रखरखाव और बीमा भी देना होगा। किस्त घटने से वाहन सस्ता नहीं हो जाता।
अपनी जरूरत से शुरुआत करें
- उद्देश्य और उसके बिल या लागत अनुमान तैयार करें।
- तय करें कि कौन सी संपत्ति जोखिम में रखना स्वीकार है।
- जरूरी खर्च और मौजूदा किस्तों के बाद भुगतान की सीमा रखें।
- मिलने वाली शुद्ध राशि, शुल्क और कुल भुगतान साथ देखें।
- आय घटने या काम में देरी होने की स्थिति में बजट फिर जाँचें।
आम सवाल
क्या बिजनेस लोन हमेशा गिरवी वाला होता है?
नहीं। सुरक्षा की व्यवस्था उत्पाद और मंजूरी की शर्तों पर निर्भर है।
क्या संपत्ति के बदले लोन होम लोन जैसा है?
दोनों अलग उत्पाद हैं। पहले में मौजूदा संपत्ति सुरक्षा है; दूसरे में स्वीकृत आवास उद्देश्य के लिए पैसा मिलता है।
क्या ईएमआई कैलकुलेटर ओवरड्राफ्ट दिखाता है?
सामान्य मॉडल तय किस्तें मानता है। ओवरड्राफ्ट के लिए निकासी, भुगतान और ब्याज के वास्तविक नियम चाहिए।
सबसे कम किस्त सबसे सस्ता लोन है?
जरूरी नहीं। लंबी अवधि से किस्त घट सकती है, जबकि कुल ब्याज बढ़ सकता है।
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